Tuesday, October 28, 2008

मेरी सिक्किम (गंगटोक,गुरु दोंगमार झील एवं चोपटा घाटी) यात्रा – कुछ चित्र

On my way onair from Delhi (India) to Baghdogra (W.Bengal - India)
10-04-2008 - दिल्ली से बाघडोगरा विमान पत्तन (जलपाइ गुरी के निकट) जाते समय रास्ते मे हरे भरे खेतों ने मेरा ध्यान आक़ॅर्षित किया और मेरा कैमरा बाहर आ गया ।
Heading towards Gangtok from New Jalpaiguri (W.Bengal - India)
11-04-2008 - गोरखाभूमि संघर्ष के कारण हमें एक दिन अपना समय ज़लपाई गुरी में ही व्यतीत करना पड़ा। हमें बताया गया था कि बन्द एक दो दिन और बढाया जा सकता है, पर हम भाग्यशाली निकले और बंद दूसरे दिन समाप्त हो गया। यह चित्र अगले दिन की यात्रा से (ज़लपाई गुरी से गंग्टोक)
On my way to Gantok
रास्ते की मन हर्षक चित्रावली
Flowers at the State (Sikkim) Border
सिक्किम की जलवायु ऑर्किड एवं अन्य फूलों के लिये बहुत ही उपयुक्त है। भारत से ऑर्किड का सबसे ज्यादा निर्यात सिक्किम से ही किया जाता है। ये फूल सिक्किम राज्य के प्रवेश द्वार पर लगे हुए थे और मैंने उन्हें अपने कैमरे में बन्द कर लिया। :)
Hotel Bayul  -  A nice Hotel at Gangtok
बयुल होटेल – ग़ंग्टोक
Gangtok M.G.Road
एम.ज़ी.रोड – ग़ंग्टोक
A view to  misty mountains


At a remote point towards Lachen
कुछ वीरान क्षण

Wild Fater Falls
पहाडी झरना

Lovely view
गुरुदोंग्मार झील के रास्ते पर

Our tour Package Vehicle to Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील के रास्ते पर

Lovely view
गुरुदोंग्मार झील के रास्ते पर

We are about to reach at Gurudongmar Lake
झील के निकट

Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील

Beautiful scenery towards heading Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील के रास्ते पर

Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील

Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील

Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील
Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील

Me with mound of stones praying to god
मैं प्रार्थना मुद्रा में

Gurudongmar Lake - North Sikkim - India
गुरुदोंग्मार झील

Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील

Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार
Traditional Chant Flags at the Lake
गुरुदोंग्मार झील

Siddu and Surroundings :)
सिद्धार्थ

Gurudongmar Lake
गुरुदोंग्मार झील के इतर

Monestry near to Gurudongmar lake
बौद्ध प्रार्थना स्थल

Beautiful Sight


Mines at India / China Border
सीमा पर माइंस

Way back from Gurudongmar Lake


Valley Of Flowers
फूलों की घाटी

Me n My Friend Sid at Valley Of Flowers
मैं और सिद्धार्थ फूलों की घाटी में

Wild Teesta River
पहाडी नदी

Millet Beer in Traditional Mugs
स्थानीय पेय

Lachen Locals


Lachen Locals



Lachen Locals


Lachen Valley


Old Lachen Local


Beautiful Flower


Seven Sisters Fall


Below Seven Sisters Fall


Gangtok M.G.Road


Beautiful Flowers at flower Show


Beautiful Flowers at flower Show


Beautiful Rhodeodendrons at monestry


Local Buddist Monestry - gangtok


Beautiful Rhodeodendrons


On my way back to New Jalpaiguri (W.Bengal - India)


New Jalpaiguri Rly. Station (W.Bengal - India)

Monday, December 03, 2007

बालम आन बसो मेरे मन में......



बहुत दिन बीत गये थे कुछ लिखा नही था, तो सोचा चलो कुछ लिखा जाये और कुछ सुनाया भी जाये, समीर लाल जी धन्यवाद, ये सुनाना आपके प्रोत्साहन के कारण हो रहा है ,
आज जो मैं आपको सुनाने जा रहा हूँ, वह गीत मूल रूप में के. ऎल. सह्गल साहब ने गाया था। यह गीत फिल्म देवदास (1935) से है, और राग सिन्दूरा पर आधारित है। इस बन्दिश/गीत को मैने पहली पार, लता जी के एक कैसेट श्रद्धाजंलि में सुना था, और इस गीत को कुछ उसी तरह से गाने की कोशिश की है, गीत के बोल हैं ...........

बालम आन बसो मेरे मन में,
सावन आया अजहूँ ना आये,
तुम बिन रसिया कुछ ना भाये,
मन में मोरे हूक उठत जब,
कोयल कूकत बन में,
बालम आन बसो मेरे मन में।


सूरतिया जाकि मतवारी,
एक नया संसार बसा है,
जिनके दो नयनन मे,
बालम आन बसो मेरे मन में।

गीत के बोल और लताजी ने इसे जिस तरह से गाया था, पहली बार ही यह मेरे मन में एकदम बस सा गया था, और मैने इसे सीखा, और बहुत बार अपने परिजनों और मित्रों को सुना के तालिया और वाहवाही भी लूटी।
लीजिये मेरी (अभिषेक) की आवाज़ मे सुनिये बालम आन बसो मेरे मन में,,,,,,,,, और बताइये क्या मै आपके मन में कुछ ज़गह बना पाया ।


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Sunday, October 21, 2007

कुछ चित्र मेरी हिमांचल यात्रा से ....

मैकलोएड गंज से पर्वत मालाओ का द्श्य
नामग्याल बौद्ध मन्दिर का द्श्य - बौद्ध भिक्षु शास्त्रार्थ करते हुए ।
मै भागसुनाथ झरने पर अपने चित्र के लिये प्रस्तुत :)
मन्दिर के प्रार्थना चक्र
कांगडा घाटी - यात्रा के दौरान एक मोड पर घाटी का द्श्य
भागसुनाथ झरना - दूर पानी की धारा आप देख रहे है ..?
भागसुनाथ झरना
कुछ बौद्ध भिक्षु जलपान ग्रहण करते हुए - - दूर से मैने उन्हे अपने कैमरे में कैद कर लिया :)

Friday, July 20, 2007

रेसिडेंसी - लखनऊ


आज सुबह जल्दी उठ गया था तो सोचा चलो कहीं घूम कर आता हूँ ,घर के कुछ दूर ही इमामबाड़ा है और उसके आगे शहीद स्मारक और उसी के पास रेसिडेंसी, बस मन ने कहा चलो आज फिर से वहीं,,,,,,,,,
आप सोच सकते हैं, कि यह फिर से का क्या माज़रा है, बचपन में मै अपनी बुआ के घर पर रह्ता था और उनके घर से रेसिडेंसी पास पडता था तो मेरी सुबह की सैर वहीं हुआ करती थी, और यही नहीं मेरा विद्यालय रेसिडेंसी के एकदम पीछे पडता था तो मेरी खाली कक्षाए वहीं बीता करती थीं, बाद में जब मै अपने घर पर आ गया तो रेसिडेंसी के घर से दूर होने के कारण, और प्रमुखतया सुबह देर से उठने के कारण मेरा सुबह टहलना बन्द हो गया। पर ना जाने आज कहाँ से मेरी नींद जल्दी खुल गयी, और मै चल पडा फिर से रेसिडेंसी की तरफ ………..(अपना कैमरा उठा कर J)।

रेसिडेंसी वर्तमान में एक राष्ट्रीय संरक्षित स्मारक है, और लखनऊ वालों के लिये सुबह की सैर का स्थान। रेसिडेंसी का निर्माण लखनऊ के समकालीन नवाब आसिफ उद्दौला ने सन 1780 में प्रारम्भ करवाया था जिसे बाद में नवाब सआदत अली द्वारा सन 1800 में पूरा करावाया। रेसिडेंसी अवध प्रांत की राजधानी लखनऊ में रह रहे, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंम्पनी के अधिकारियों का निवास स्थान हुआ करता थी।


रेसिडेंसी - मानचित्र

सम्पूर्ण परिसर मे प्रमुखतया पाँच-छह भवन थे,जिनमें मुख्य भवन,बेंक्वेट हाल,डाक्टर फेयरर का घर, बेगम कोठी ,बेगम कोठी के पास एक मस्जिद, ट्रेज़री आदि प्रमुख थे।
आज इन इमारतों के भग्नावषेश देख कर लगता है कि अभी भी ये अपने बीते हुए भव्य दिनों की याद किया करते हैँ। यहाँ जब भी मैँ आता हूँ वे पुराने दिन दिन कैसे रहे होंगे सोचने लग जाता हूँ। यहाँ की एक एक इमारत से समय का कितना पुराना सम्बन्ध है यह तो बस हम सिर्फ सोच ही सकते हैँ।



Friday, June 15, 2007

मेरा लखनऊ कभी ऐसा था......

कैसरबाग का भव्य दृश्य
दिलकुशा महल – जहाँ अवध के रियासतदार एवँ नवाब रहा करते थे।
लामार्टिनियर स्कूल – कभी क्लाड मार्टिन का घर
छतर मंज़िल
छोटा इमामबारा